क्या अब दो महीने पहले मरा हुआ कोरोना जिंदा हो गया है ...? (अगर बीमारी सच में भयावह है तो कहीं भी चुनाव कराना इतना जरूरी नहीं है... और अगर बढ़ते हुए संक्रमण के साथ सरकार चुनाव भी करा रही है तो इसका मतलब वह सरकार जन हितेषी नहीं है...
*क्या अब दो महीने पहले मरा हुआ कोरोना जिंदा हो गया है ...?*👀 और जैसा कि तय था चुनाव खत्म, त्योहार खत्म और दो महीने पहले मरा हुआ कोरोना जिंदा हो गया... तमाम गोदी मीडिया ने एकदम से कोरोनावायरस के मामले हजारों में बताना शुरू कर दिए... एक बात तो तय हो गई है इस देश की जनता को मीडिया से अच्छा कोई मूर्ख नहीं बना सकता... अभी हाल ही में बिहार -मध्य प्रदेश गुजरात आदि प्रदेशों में चुनाव हुए हैं... चुनाव के पहले जो कोरोना संक्रमित आंकड़ों की जादूगरी की गई है उसे समझना बेहद मुश्किल है... चुनाव कराना थे जब तक कोरोना संक्रमितो का आंकड़ा घटता हुआ दिखाया जा रहा था... और वही तमाम ढोल पीटने वाली गोदी मीडिया ने कोरोनावायरस को अपने प्राइम टाइम से और रेगुलर हेडलाइंस से गायब कर दिया था... लेकिन जैसे ही चुनाव खत्म हुए, त्यौहार खत्म हुए... तपाक से कोरोना जिंदा हो गया... लोगों में भय फैलाने का काम मीडिया ने शुरू कर दिया है... अब कुछ सत्ता सीनों की दुकानें 5 साल के लिए सज चुकी हैं इसलिए वे कुछ भी आदेश दे सकते हैं... देश में वायरस की स्थिति को देखते हुए यह कहना मुश्किल है की कोरोना खतरनाक है या नह...